रविवार, 21 मार्च 2010

“अबकी बार – मोदी सरकार”

नमस्कार मित्रो, 

आजकल सब जगह IPL से ज्यादा इलेक्शन की चर्चा है,ऑफिस में भी पब्लिक मोदी,राहुल-बाबा और केजरीवाल ही discuss कर रही है,फेसबुक और ट्विटर पर तो फुल माहोल है|

Social Networking साईट को हमने Social Media बना डाला... Government ने भी बहुत चमकाया पर हम लोगो को ऐसे काम करने में ही तो ज्यादा मजा आता है |

खैर अब मैं टॉपिक पे आता हूँ... अगर आप ध्यान दे तो Social Media में आपको तीन ही टाइप के लोग मिलेंगे :- मोदी फैन्स,राहुल-बाबा फैन्स और केजरीवाल फैन्स(Salute to them).

मेरा वोट तो मोदी को, इसलिए अब मैं क्या तारीफ लिखूं, ये काम मैं आपपे छोड़ता हूँ...

दुसरे वो जो राहुल-बाबा के फैन है... वैसे तो ऐसा कोई नमूना मेरी फ्रेंड लिस्ट में मुझे अब तक नहीं मिला,आपको मिला हो तो जरूर शेयर करे... उसको “भारत-रत्न” दिलाने की मांग करेंगे,भारत रत्न भले नहीं,कम से कम बरखा दत्त और सरदेसाई टाइप पद्मश्री तो पक्का |

तीसरे और सबसे ख़ास अब बारी है केजरी फैन्स की,जो मेरेको सबसे ज्यादा interesting लगते है....
एक लाईन में बोलूं तो ये वो प्रजाती है जो हर जगह पाई जाती है...ये लोग कुछ “अलग” से पहचाने जा सकते है...
इन केजरी फैन्स को भी आप दो ग्रुप में बाँट सकते है :-

 पहला ग्रुप – यह ग्रुप मेरे उन दोस्तों का है जो एक संप्रदाय विशेष से आते है और मुजे पता है की उनकी दोस्ती मेरे लिए सबसे ज्यादा Important है | 
मेरे ये “पढ़े-लिखे” दोस्त कुछ समय पहले तक “मोदी-विरोध” में राहुल-बाबा के फैन्स हुआ करते थे,पर जैसा की मैंने ऊपर लिखा की कहीं उनको “भारत-रत्न” ना मिल जाये... उन्होंने केजरी-फैन्स होना ज्यादा बेहतर समझा|

मेरे ये दोस्त किस perception में जी रहे हैं मैं नहीं जानता,पर हाँ अगर वो किसी व्यक्ति-विशेष से डरे हुए है तो मैं ये कहूँगा की ये वही डर है जो पाकिस्तान के नेता वहां की जनता को भारत के नाम से देते है और अपना काम निकालते है...

अगर मेरे ये दोस्तों को ये लगता है की गुजरात का विकास बस एक Advertisement है तो मैं कहूँगा ये गलत है... चूँकि मैं गुजरात में पिछले एक साल से हूँ इसलिए मैं ऐसा कह सकता हूँ...Development / Law & Order के आलावा सबसे खास बात जो मैंने कहीं और नहीं देखी वो है –लोगो का Government के लिए विश्वास जो मेरे लिए एकदम नया था | (और हाँ...इसके लिए मुझे किसी ने पैसे नहीं दिये है)

मुझे नही लगता की मेरे इन दोस्तों को पेट्रोल पंप वाला मेरेसे सस्ता पेट्रोल देता होंगा,या इनके Home-Town में सबके पास बढ़िया जॉब होंगा या इनके बच्चो की School Fee इनके खुद की Engineering Fee से ज्यादा नहीं होगी... ?

खैर अगर मैं और ज्यादा लिखूंगा तो मैं “Communal” हो जाऊंगा लेकिन मैं अपने इन दोस्तों से ये जरुर पूछना चाहूँगा की क्या किसी व्यक्ति को सिर्फ इसी लिए Reject कर देना की वो सिर्फ दिखावे के लिए टोपी नहीं पहनता... तो फिर आप लोगो का वोट “सेक्युलर-वोट” कैसे हो गया भाई....
ये देश जितना मेरा है उतना ही हम सबका भी... फैसला आपका है|

दूसरा ग्रुप – केजरी-फैन्स का ये दूसरा ग्रुप उन “चतुर” लोगो का है जो स्कूल कॉलेज में क्लास की पहली या दूसरी बेंच पर पाए जाते थे,ये क्लास में सिर्फ इसलिए नोट्स बनाते थे की लडकियों को दे सके,अपने से ज्यादा लडकियों की प्रैक्टिकल फाइल की चिंता करने वाली ये वाही लोग है जिनको कॉलेज में GT के बावजुद क्लास लगाने की सबसे “खुजली” होती थी... हालाँकि टाइम तो चला गया पर अलग चलने की ये खुजली अभी तक नहीं गयी.. इनको स्वराज चाहिए जैसा की इनकी बातों से लगता है...भाई आप लोग थोड़े लेट नहीं हो गये... 60-70 साल पहले होते तो “भारत छोड़ो आन्दोलन” को आप ही लीड कर रहे होते...
इनको केजरीवाल में एक आम आदमी दीखता है जो भ्रष्टाचार से लडेगा... अरे भाई तो चुनाव मोदी के खिलाफ क्यों लड़ रहा है... सोनिया, ए राजा,कलमाड़ी और खुर्शीद के खिलाफ क्यों नहीं ?
इनका कहना है की मोदी चुनाव प्रचार में करोडो खर्च कर रहा है तो फिर आप लोग चंदा क्या दिल्ली वालो को सब्सिडी देने के लिए मांग रहे हो ?
अगर ये “आम-आदमी” की पार्टी है तो इतने करोडपतियो को टिकट क्यों दिया ?

 They said at least Kejriwal took the initiative.... but what about intention boss???

I believe “AAP” is nothing but the brain child of Yogenda Yadav and Kejriwal sitting on popularity of Anna movement and nothing else.... Thanks You.

मैं इतना ज्ञान कहाँ से लाया क्या मालुम,... अच्छा लगा तो लाइक/शेयर करे 30 दिनों में आपको देश में एक अच्छी सरकार देखने को मिलेगी... :)
                                                                                                           “अबकी बार – मोदी सरकार” 

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